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Sunil Chhetri:- Announces Retirement | football player sunil chhetri letest news |

 

Real Life Story of India's Football Legend Sunil Chhetri | Captain Fantastic





दोस्तों भारत में फुटबॉल इतना लोकप्रिय खेल नहीं है

 लेकिन कुछ लोग हैं, जो इसे भारत में पॉपुलर करने में अपनी जीज- जान से लगे हुए हैं। इन लोगों में पहले नाम है इंडियन फुटबॉल टीम के कैप्टन सुनील छेत्री का और दूसरा नाम है इंडिया टीम के कोच इगोर स्टेमिक ।

वही स्टेमिक जीने इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच में रेड कार्ड मिला था ।

और इसका रीजन था पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी को चीटिंग करता हुआ देख उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने उसके हाथ से बाल छन ली और इसी मैच में इंडिया ने पाकिस्तान को कर जीरो से हर दिया।

 इंडिया की तरफ से किया गए कर गोल में से तीन गोल सुनील छेत्री ने किया थे ।

सुनील छेत्री के बड़े में सबसे चौका देने वाली बात जो बहुत से भारतीयों को पता तक नहीं दुनिया भर के एक्टिव प्लेयर्स में से सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में थर्ड नंबर पर हैं।

 उनसे आगे सिर्फ दो ही खिलाड़ी हैं रोनाल्डो और मेसी ।


दोस्तों सोचने वाली बात की इंडिया के पास एक ऐसा प्लेयर है जो दुनिया में सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में थर्ड नंबर पर आता है ।

लेकिन फिर भी इंडिया फीफा वर्ल्ड कप के लिए एलिजिबल नहीं है।

 और यही सुनील छेत्री का सपना है की एक दिन भारत भी फीफा वर्ल्ड कप में खेले। सुनील क्षेत्रीय का जन्म तीन अगस्त 1984 को आंध्र प्रदेश में हुआ।

 उनके मम्मी पापा नेपाल से बिलॉन्ग करते हैं।

 उनके फादर के भी क्षेत्रीय इंडियन आर्मी में थे 

और उनके फादर के बार-बार ट्रांसफर होने के करण क्षेत्रीय का बचपन भारत के अलग-अलग शेरों में गुजरा ।

उनके स्कूल बार-बार चेंज होते रहे लेकिन जो चेंज नहीं हुआ वो था उनका फुटबॉल को लेकर जुनून ।


सुनील छेत्री की मम्मी सुशीला छेत्री खुद एक फुटबॉल प्लेयर रही हुई है।

 जिन्होंने नेपाल की फुटबॉल टीम के लिए कई मैचेस खेल और इन्हीं सब कर्म से क्षेत्रीय का फुटबॉल में इंटरेस्ट बचपन में ही जग गया था ।

फिर उन्होंने गंगटोक सिक्किम की अपनी स्कूल में फुटबॉल खेलने शुरू किया।

 स्टार्टिंग में तो वह सिर्फ शौक के लिए खेलते थे तो उनका बस एक ही मोटे था की फुटबॉल से भारत कोटा के थ्रू उन्हें कोई अच्छा सा कॉलेज मिल जाए क्योंकि भारत और फुटबॉल ही एक चीज थी जो उन्हें अच्छी तरह से आई थी।

 लेकिन धीरे-धीरे वो सीरियस हुए और उन्हें लगे लगा की वो अपने शौक फुटबॉल को ही अपना करियर बना सकते हैं।

 इसलिए वो 16 साल की उम्र में देश की सबसे नामी टाटा फुटबॉल अकादमी जॉइन करने के लिए दिल्ली आ गए और वहां प्रेक्टिस करने लगे और जल्द ही उन्हें वो मौका मिल गया


 जिसका उन्हें इंतजार था जब वो 12th क्लास में थे तब उन्हें मलेशिया में होने वाली एशिया स्कूल चैंपियनशिप 2001 में इंडिया को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला ।

और इसी स्कूल लेवल चैंपियनशिप में क्षेत्रीय का खेल देखकर इंडिया के सबसे बड़े फुटबॉल क्लब मोहन बागान की नजर उन पर पड़ी ।

और उन्होंने क्षेत्रीय को साइन कर लिया उसके बाद से सुनील छेत्री ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा 


और फिर साल 2005 में उन्होंने इंडियन नेशनल फुटबॉल जो टीम में अपना पहले देबू मैच खेल यह इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच था ।

जो खेल भी पाकिस्तान में ही गया था सुनील छेत्री को देखकर कोई अंदाज़ नहीं लगा सकता की वो अभी उन 40 साल के हैं 39 इयर्स की अपनी पुरी लाइफ फुटबॉल को डेडिकेट कर चुके सुनील छेत्री ने साल 2017 में अपने मेंटल और इंडियन फुटबॉल टीम के पूर्व खिलाड़ी सुब्रत भट्टाचार्य की बेटी सनम भट्टाचार्य से शादी कर ली ।

क्षेत्रीय को कई फॉरेन क्लब्स की तरफ से भी ऑफर मिले जैसे कंट्री सिटी इंग्लैंड ने 19 साल 2007 में अप्रोच किया और लंदन बेस्ड क्लब क्वींस पार्क रेंजर्स ने भी उन्हें ऑलमोस्ट साइन कर ही लिया था,  लेकिन यूके क परमिट नहीं मिलने के करण उनके कांटेक्ट में कुछ दिक्कत आ गई और वह नहीं खेल पाए और फिर फाइनली साल 2010 में सुनील छेत्री मोहम्मद सलीम और बाइचुंग भूतिया के बाद किसी इंटरनेशनल क्लब में खेलने वाले तीसरी खिलाड़ी बने ।

इनके रिकॉर्ड्स और अवार्ड इसकी बात करें तो ये बड़े क्रिकेटर्स को भी पीछे छोड़ते हैं

 इन्हें साल 2011 में अर्जुन अवार्ड साल 

2019 में पदम श्री 

और साल 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रतन अवार्ड से सम्मानित किया गया ।

इसके अलावा वो इंडिया के पहले ऐसे फुटबॉल है जिन्होंने तीन कॉन्टिनेंट में गेम खेल हैं वो इंटरनेशनल मैचेस में सबसे ज्यादा कल करने वाले भारतीय हैं ।

और इंडिया में सबसे ज्यादा हैट्रिक का रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम है ।

दोस्तों इंडिया में फुटबॉल को लोकप्रिय करने के लिए हमें सुनील छेत्री जैसे प्लेयर्स और मेंटर्स की जरूर है जो सिर्फ अपना फायदा ना सोचकर कंट्री की ओवरऑल भारत ग्रोथ में अपना योगदान दें रहे है।

आप इस बड़े में क्या सोचते हैं , सुनील छेत्री अपने इस कम में किस हद तक खर उतारे हैं ।

आप अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताए।

और आज इसी बीच खबर आई है की महान फुटबॉलर सुनिल क्षेत्रीय वर्ल्ड कप से सन्यास लेने वाले है। 

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